Verb • catch at • clutch at | |
की: HOW of several | |
की कोशिश करना: have a go at seek have a go at make a brave fist | |
कोशिश: aim pains offer try stab crack work pursuit pull | |
कोशिश करना: attempt offer go about go for search for have a | |
करना: transaction commission advertising commence | |
पकड़ने की कोशिश करना in English
[ pakadane ki koshish karana ] sound:
पकड़ने की कोशिश करना sentence in Hindi
Examples
More: Next- मौसी मौसा को कैमरे पर पकड़ने की कोशिश करना, कुछ ‘ड्रामा' हो जाए तो अच्छा है....
- मौसी मौसा को कैमरे पर पकड़ने की कोशिश करना, कुछ ‘ ड्रामा ' हो जाए तो अच्छा है....
- आपकी तरह समाजवादी (कथित) विचारधारा पर हर बात और दूसरी विचारधाराओं को तुलना कुछ ऐसा ही है जैसे मष्तिष्क की चीरफाड़ करके मनोभावों को पकड़ने की कोशिश करना.
- अपने साथ ही किसी चीज को देखने फिर समझने की समझ को सहेज लेना-स्मृति की दृष्टि का धुंधला जाना, अपने को पकड़ने की कोशिश करना, थोडा आगे बढना..
- दुर्ग के बुकी ने राजधानी के सेंटर में बैठकर सट्टा खिलाने वाले तीन-तीन बुकी के नाम उजागर किए फिर भी रायपुर पुलिस ने उन्हें पकड़ने की कोशिश करना तो दूर यह पता लगाने की कोशिश भी नहीं कि दुर्ग के बुकी का कहना कितना सच है।
- हिन्दी से भोजपुरी को अलग करके नई भाषा बना देने की राजनैतिक मांग की पड़ताल के साथ ही हमें भाषा के उस महीन आग्रह को भी पकड़ने की कोशिश करना होगा जिसके लिए हिन्दी के बढ़ते कद और व्यापकता को खत्म करने की कोशिश की जा रही है।
- फिर किसी ने जिंदगी बारे जानना चाहा तो वो थोड़ा ऊँचे स्वर में बोला मेरा ही नाम जिंदगी है वरतमान के कुछ पलों-छिनों का आपके अंदर तक चले जाना और फिर दुखों-सुखों के बलवले बनकर बाहर बहना आशाओं के दीप जलाना और रौशनी पकड़ने की कोशिश करना... ।
- ' ने कथित तौर पर युवा दिलोदिमाग को अपने मायाजाल में कैद कर लिया था और दूसरे कि टीवी पर चलाए गए प्रचार में यह संवाद बड़े जोर-शोर से परोसा गया कि ‘ किसी तवायफ की लुटती इज्जत को बचाना और तीसमार खां को पकड़ने की कोशिश करना-दोनों बेकार है।
- पेड़ों पर रस्सी लगा कर झूला झूलना, इमली के पेड़ की डरते डरते चढ़ाई करना, टोकरी को तिरछा कर रस्सी के सहारे चिड़िया को पकड़ने की कोशिश करना, हारने या खेल में ना शामिल किए जाने पर टेसुए बहाना, मन का ना होने पर बार बार घर छोड़ने की धमकी दे डालना और ऐसी ही ना जाने कितनी और बातें।
- उस बाजारू धूम का धुआं पैदा करने में जिन दो खास पहलुओं की भूमिका रही, वे यह थीं कि फिल्म के रिलीज होने के पहले ही ‘शीला की जवानी...' ने कथित तौर पर युवा दिलोदिमाग को अपने मायाजाल में कैद कर लिया था और दूसरे कि टीवी पर चलाए गए प्रचार में यह संवाद बड़े जोर-शोर से परोसा गया कि ‘ किसी तवायफ की लुटती इज्जत को बचाना और तीसमार खां को पकड़ने की कोशिश करना-दोनों बेकार है।